गोपाल राम गहमरी सा समारोह -26 दिनॉंक 22 अगस्त अध्यक्ष रेखा नायक रानो विजेता, हमारा मुक्तक
दिनांक 22 अगस्त प्रातः 10 बजे से 24 अगस्त 2014 प्रातः 10 बजे तक
कार्यक्रम-हमारा मुक्तक
विषय-आन, मान, शान, गौरव, प्रतिष्ठा
कार्यक्रम अध्यक्षया-आदरणीया रेखा नायक रानो जी को सादर समर्पित
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तिरंगा रूह है मेरी, तिरंगा आन है मेरी!
शहीदों को लगे प्यारा,तिरंगा शान है मेरी!!
भले ही ना रहे हस्ती, इसे झुकने नहीं देंगे!
तिरंगा बस गया दिल में, तिरंगा जान है मेरी!!
( नागेन्द्र सिंह निरवाण )
गोपाल राम गहमरी साहित्यिक समारोह -26
द्वितीय चरण -हमारा मुक्तक-
विषय आन मान शान गौरव प्रतिष्ठा
समारोह अध्यक्ष रेखा नायक रानो जी को सादर समर्पित
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हिन्द की शान तिंरगा है ,हिन्द की आन तिरंगा है
हिन्द का गौरव प्रतिष्ठा ,और अभीमान तिरंगा है
तिरंगा विश्व मे अपनी अटल ,पहचान रखता है
सजा जो अपने होटो पे ,वो गौरव गान तिरंगा है
.....निर्देश शर्मा पाबलेवाला.........................
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह ~26(द्वितीय चरण)
कार्यक्रम~हमारा मुक्तक
विषय~आन,मान,प्रतिष्ठा आदि
कार्य क्रम अध्यक्षा सम्मान्य रेखा रानो जी की प्रतिष्ठा मे प्रस्तुत~
आन,मान और इज्जत भइया होती अपने हाथ मे।
नीम सी कड़वी बोली को बदल लो मीठी बात मे।
बैरी तेरा जग न होता ,तू ही अपना दुश्मन है।
विष का प्याला घोल रहा तू अपने ही जज्बात मे।
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह- 26 (द्वितीय चरण)
कार्यक्रम- हमारा मुक्तक
विषय- शान /...
कार्यक्रम अध्यक्ष आदरणीया Rekha Nayak Rano जी के सम्मान मेँ एक मुक्तक-
अगर इतरा रहे हो तुम जो अपनी शान के आगे
बता ये शान जायेगी किसी शमशान के आगे
ये माना आसमाँ का भी तूँ सीना चीर सकता है
मगर इंसान जाये क्या कभी भगवान के आगे
रचना- आकाश महेशपुरी
पता-
वकील कुशवाहा 'आकाश महेशपुरी'
ग्राम- महेशपुर
पोस्ट- कुबेरस्थान
जनपद- कुशीनगर
उत्तर प्रदेश
09919080399
बता ये शान जायेगी किसी शमशान के आगे
ये माना आसमाँ का भी तूँ सीना चीर सकता है
मगर इंसान जाये क्या कभी भगवान के आगे
रचना- आकाश महेशपुरी
पता-
वकील कुशवाहा 'आकाश महेशपुरी'
ग्राम- महेशपुर
पोस्ट- कुबेरस्थान
जनपद- कुशीनगर
उत्तर प्रदेश
09919080399
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह ~26(द्वितीय चरण)
कार्यक्रम~हमारा मुक्तक
विषय~आन,मान,शान ,प्रतिष्ठा आदि
कार्यक्रम अध्यक्षा सम्मान्य रेखा रानो जी को समीक्षार्थ प्रस्तुत :
ज़रा सोचो , दिखावट और झूठी शान में क्या है ,
नहीं है जो हमारे पास, उस पहचान में क्या है ,
रहो तुम सादगी से , भूल जाओ छल, फरेबों को ,
मुखोटे ओढ़ना छोड़ो , न पूछो मान में क्या है .
अनीता मेहता 'अना'
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित...
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जश्ने आजादी का ये अभिमान तिरंगा है,
परचम है प्रतिष्ठा का स्वाभिमान तिरंगा है।
भारत के कण कण में बिखरी आन बान इसकी,
बीरों की शहादत का यही सम्मान तिरंगा है।
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-विनोद
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया रेखा नायक बानो जी को संबोधित.
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गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26ज़रा सोचो , दिखावट और झूठी शान में क्या है ,
नहीं है जो हमारे पास, उस पहचान में क्या है ,
रहो तुम सादगी से , भूल जाओ छल, फरेबों को ,
मुखोटे ओढ़ना छोड़ो , न पूछो मान में क्या है .
अनीता मेहता 'अना'
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित...
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जश्ने आजादी का ये अभिमान तिरंगा है,
परचम है प्रतिष्ठा का स्वाभिमान तिरंगा है।
भारत के कण कण में बिखरी आन बान इसकी,
बीरों की शहादत का यही सम्मान तिरंगा है।
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-विनोद
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया रेखा नायक बानो जी को संबोधित.
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घनाक्षरी****
वीर हैं सपूत सारे, भारती के नैन-तारे!
युद्धभूमि में सदैव झंडा गाड़ देते हैं!!
प्रचंड तेज भाल पे,चाहे हो द्व्ंद्व काल से!
भारती के शत्रुओं का,सीना फाड़ देतेहै!!
विश्व धाक मानता है,वीरता को देख देख !
बड़े बड़ों को भी सदा,ये पछाड़ देते है!!
वज़्र के समान देह,नैनों में प्रचंड आग!!
काँप जाता शत्रु जब ,ये दहाड़ देते है!
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राम शिरोमणि पाठक"दीपक"
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित...
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वीर हैं सपूत सारे, भारती के नैन-तारे!
युद्धभूमि में सदैव झंडा गाड़ देते हैं!!
प्रचंड तेज भाल पे,चाहे हो द्व्ंद्व काल से!
भारती के शत्रुओं का,सीना फाड़ देतेहै!!
विश्व धाक मानता है,वीरता को देख देख !
बड़े बड़ों को भी सदा,ये पछाड़ देते है!!
वज़्र के समान देह,नैनों में प्रचंड आग!!
काँप जाता शत्रु जब ,ये दहाड़ देते है!
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राम शिरोमणि पाठक"दीपक"
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित...
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खुदा में बंदगी हो जब हमेशा
ख़ुशी हो जिंदगी में तब हमेशा
मिले जब मान सबसे जिंदगी में
रहे फिर ताजगी में अब हमेशा
~~ आलोक ~~
श्री गोपालराम गहमरी साहित्य समारोह-२६.
द्वितीय चरण
दि०२२अगस्त प्रातः१०बजे से२४अगस्त प्रातः१० बजे तक ..
हमारा मुक्तक -- विषय / मान ,शान ,आन .......
अध्यछा् आ०रेखा नायक रानो जी को समर्पित.....
ख़ुशी हो जिंदगी में तब हमेशा
मिले जब मान सबसे जिंदगी में
रहे फिर ताजगी में अब हमेशा
~~ आलोक ~~
श्री गोपालराम गहमरी साहित्य समारोह-२६.
द्वितीय चरण
दि०२२अगस्त प्रातः१०बजे से२४अगस्त प्रातः१० बजे तक ..
हमारा मुक्तक -- विषय / मान ,शान ,आन .......
अध्यछा् आ०रेखा नायक रानो जी को समर्पित.....
शान से जिसकी गुलशन यह गुलो गुलजार रहता है !
करम से जिसके हम सबके दिलों में प्यार रहता है !
मन्दिर हो या मस्जिद हो सभी में उसकी ही रौनक,
कोई कहता है पैगम्बर....कोई अवतार कहता है !
{ अनुपम आलोक }
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह ---२६ ( द्वितीय चरण )
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कार्यक्रम --हमारा मुक्तक ---अध्यक्ष आ .रेखा नायक रानो जी की प्रतिष्ठा में .
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विषय ----आन .मान ,शान ,गौरव ,प्रतिष्ठा .
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क्यों मारते हो कोख में नादान बेटियाँ .
इंसान को भगवान का वरदान बेटियाँ.
चुन कर ये शूल ,पथ में बिछाती प्रसून ही
दोनों कुलों की आन ,मान ,शान बेटियाँ .
--------------------------------------------------
-------------------------------भारती जैन -------
--------------------------२२-८-२०१४ ---------------
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित
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करम से जिसके हम सबके दिलों में प्यार रहता है !
मन्दिर हो या मस्जिद हो सभी में उसकी ही रौनक,
कोई कहता है पैगम्बर....कोई अवतार कहता है !
{ अनुपम आलोक }
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह ---२६ ( द्वितीय चरण )
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कार्यक्रम --हमारा मुक्तक ---अध्यक्ष आ .रेखा नायक रानो जी की प्रतिष्ठा में .
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विषय ----आन .मान ,शान ,गौरव ,प्रतिष्ठा .
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क्यों मारते हो कोख में नादान बेटियाँ .
इंसान को भगवान का वरदान बेटियाँ.
चुन कर ये शूल ,पथ में बिछाती प्रसून ही
दोनों कुलों की आन ,मान ,शान बेटियाँ .
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-------------------------------भारती जैन -------
--------------------------२२-८-२०१४ ---------------
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित
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डरना है किस बात का....जब ली मन में ठान
सच पे सदा डटे रहो.............चाहे जाये जान
राह लगे मुश्किल अगर,प्रभु का धरना ध्यान
इज्जत से जीना सदा......रखना अपनी आन
~रमा वर्मा~
सच पे सदा डटे रहो.............चाहे जाये जान
राह लगे मुश्किल अगर,प्रभु का धरना ध्यान
इज्जत से जीना सदा......रखना अपनी आन
~रमा वर्मा~
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया रेखा नायक रानो जी को सादर समर्पित ।
(साथ ही अन्य प्रबुद्ध एवं प्रिय मित्रों के अवलोकनार्थ, प्रतिक्रिया आमंत्रण अनुरोध के साथ ।)
शीर्षक : आन, शान ।
वतन तेरे आरज़ू का यह मुकदस शजर , ........हमेशा खिलता, फलता और फूलता रहे ,
कभी थके तू नहीं, पल रूके तू नहीं,........ ..बस यों ही चलता रहे, और आगे बढ़ता रहे ।
आन तेरी अलग,शान तेरी अलग , .......... आज सारी दुनिया में पहचान तेरी अलग ।
रूप रोज़ाना तुम्हारा निखरता रहे ,................तू तरक्की की राहों पर सदा चलता रहे ।
: सतीश वर्मा गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित...
-
हो मौसम उदास फूल को खिलना तो पड़ता है,
वृक्ष को हवा के मान को, हिलना तो पडता है,
मिलन रास न आये जिंदगी को मौत से शायद
बिन बुलाये आ जाये, फिर मिलना तो पडता है !
-ओंम प्रकाश नौटियाल
Santosh Nema
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया रेखा नायक रानो जी को सादर समर्पित ...!
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हमारे घर की आन ,बान शान हैं बेटियां ....!
फिर भी हमारे घर की मेहमान हैं बेटियां ...!
हैं बेटियां दो कुलों की पहचान और रौनक,
क्या मायका,क्या ससुराल कुर्बान हैं बेटियां ....!
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित
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मेरी मातृभूमि मेरी आन है
मेरी वीरभूमि मेरी शान है
आओ जन्मभूमि की रक्षा करे
मेरी कर्मभूमि मेरा मान है
पवन बत्तरा , पंचकूला, हरियाणा
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित...
फिर भी हमारे घर की मेहमान हैं बेटियां ...!
हैं बेटियां दो कुलों की पहचान और रौनक,
क्या मायका,क्या ससुराल कुर्बान हैं बेटियां ....!
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित
************************************************
मेरी मातृभूमि मेरी आन है
मेरी वीरभूमि मेरी शान है
आओ जन्मभूमि की रक्षा करे
मेरी कर्मभूमि मेरा मान है
पवन बत्तरा , पंचकूला, हरियाणा
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित...
हवाएं दरिया पहाड़ जंगल गूंजे शूरवीरों की गाथाओं से |
बच्चा-बच्चा लहराए तिरंगा अपना, गर्व और शान से |
हे ! सरजमीं पर मिट जाने वाले अम्रर शहीद जवानों!
तुम जैसे छलकें भाव देशप्रेम के, हर ह्रदय हर आँख से ||
----------------------#अलका गुप्ता -----------------------
गोपालराम गहमरी साहित्य समारोह-26
हमारा मुक्तक-आदरणीय अध्यक्षा रेखाजी को समर्पित ।
विषय-प्रतिष्ठा/समानार्थी ।
सत्कर्म प्रतिष्ठा दिलाते हैं ।
दुष्कर्म प्रतिष्ठा गिराते हैं ।
सत्य के मार्ग पर बढ़ते चलो,
बढ़ते पग प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं ।
बच्चा-बच्चा लहराए तिरंगा अपना, गर्व और शान से |
हे ! सरजमीं पर मिट जाने वाले अम्रर शहीद जवानों!
तुम जैसे छलकें भाव देशप्रेम के, हर ह्रदय हर आँख से ||
----------------------#अलका गुप्ता -----------------------
गोपालराम गहमरी साहित्य समारोह-26
हमारा मुक्तक-आदरणीय अध्यक्षा रेखाजी को समर्पित ।
विषय-प्रतिष्ठा/समानार्थी ।
सत्कर्म प्रतिष्ठा दिलाते हैं ।
दुष्कर्म प्रतिष्ठा गिराते हैं ।
सत्य के मार्ग पर बढ़ते चलो,
बढ़ते पग प्रतिष्ठा बढ़ाते हैं ।
-नारायण गौरव ।
गोपालराम गहमरी साहित्यिक समारोह-26
(द्वितीय चरण) हमारा मुक्तक
विषय- आन/मान प्रतिष्ठा/सम्मान
समारोह अध्यक्ष आदरणीया रेखा रानो जी एवं मंच के सभी प्रबुद्धजनों के समक्ष प्रस्तुत।
मापनी-2122 2122 2122 212
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गर्दिशी की धूप में सम्मान जिसका बिक गया
गोपालराम गहमरी साहित्यिक समारोह-26
(द्वितीय चरण) हमारा मुक्तक
विषय- आन/मान प्रतिष्ठा/सम्मान
समारोह अध्यक्ष आदरणीया रेखा रानो जी एवं मंच के सभी प्रबुद्धजनों के समक्ष प्रस्तुत।
मापनी-2122 2122 2122 212
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गर्दिशी की धूप में सम्मान जिसका बिक गया
घर हुआ नीलाम सब सामान जिसका बिक गया
आँख से रिसता लहू उसका मुझे यूँ कह गया
शख्स वो जिन्दा कहाँ है मान जिसका बिक गया
~कैलाश भारद्वाज~
फरीदाबाद
श्री गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह~26
दिनाँक~22से प्रात:10बजे से24प्रात: 10बजे तक~
हमारा मुक्तक~
विषय ~आन,मान,शान,गौरव
आँख से रिसता लहू उसका मुझे यूँ कह गया
शख्स वो जिन्दा कहाँ है मान जिसका बिक गया
~कैलाश भारद्वाज~
फरीदाबाद
श्री गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह~26
दिनाँक~22से प्रात:10बजे से24प्रात: 10बजे तक~
हमारा मुक्तक~
विषय ~आन,मान,शान,गौरव
अध्यक्षा आदरणीया रेखा नायक जी को
सादर समर्पित~
छल कपट कूटनीतिक रण में,दुश्मन ने जाल विछाया था!
भारत सैन्य विरता के सम्मुख, कायरता पीठ दिखाया था!
गौरव गरिमा के महिमा से,मेरा भारत महान रहा!
शौर्य~पराक्रम रण कौशल से,विजय तिरंगा लहराया था!
जय हिन्द !जय भारत!
कुन्दन
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
dohe
सादर समर्पित~
छल कपट कूटनीतिक रण में,दुश्मन ने जाल विछाया था!
भारत सैन्य विरता के सम्मुख, कायरता पीठ दिखाया था!
गौरव गरिमा के महिमा से,मेरा भारत महान रहा!
शौर्य~पराक्रम रण कौशल से,विजय तिरंगा लहराया था!
जय हिन्द !जय भारत!
कुन्दन
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
dohe
उठो देश के सपूतो, भारत रहा पुकार ।
भारत पर तुम मर मिटो ,हो जाओ तैयार ॥
आन बान पर देश की ,लाखों हुये शहीद ।
सीमा पर उत्सव मने ,क्या होली क्या ईद ॥
भारत सीमा पर खड़े ,तन कर वीर जवान ।
आँच देश पर न आये ,हो जायें कुरबान ॥
हमारी जन्म भूमि की ,माटी है अनमोल ।
तिलक लगाएँ माटी से ,नाही इसका मोल ॥
रेखा जोशी
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित......
भारत पर तुम मर मिटो ,हो जाओ तैयार ॥
आन बान पर देश की ,लाखों हुये शहीद ।
सीमा पर उत्सव मने ,क्या होली क्या ईद ॥
भारत सीमा पर खड़े ,तन कर वीर जवान ।
आँच देश पर न आये ,हो जायें कुरबान ॥
हमारी जन्म भूमि की ,माटी है अनमोल ।
तिलक लगाएँ माटी से ,नाही इसका मोल ॥
रेखा जोशी
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह --26 ( द्वितीय चरण)
दिनांक 22 अगस्त प्रात:10 बजे से 24 अगस्त 2014 रविवार प्रात:10 बजे तक
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया Rekha Nayak Rano जी को सादर समर्पित......
डरते नहीं हम कभी ,किसी आंधी-तूफ़ान को,
ऊँचा रखेंगे सदा हम,विश्व में तेरी शान को।
नहीं झुकेगा शीश कहीं,घुटने हम टेकेंगे नहीं ;
लुटा देंगे सर्वस्व अपना,राष्ट्र-ध्वज महान को। ।
मीना मिश्रा
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया रेखा नायक रानो जी को संबोधित--
सीता बन घर द्धार तज वन गामिनी बनी राम के मान पर
शकुन्तला बन परत्यक्ता बनी प्रेम धर्म के आन पर
दुर्गा ,लक्ष्मी , पन्ना ,जीजा , गार्गी बनी गौरव वतन की
वस्तु बन बलि चढ़ेगी कब तक नारी रीति-रिवाज के शान पर
---- मँजु शर्मा २४-०८-२०१४
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह-26 (दि. 22 अगस्त से 24 अगस्त'14 तक)
हमारा मुक्तक(वीर छंद में) --विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
देश की रक्षा कर न सके जो, छीनों उनसे देश कमान।
जन-जन का है नारा अब ये, छेड़ो जंग अरु रखो आन ।
मेरी जन्मभूमि वीरो की, जहाँ शहीदों की है करतार
एक नहीं कम सवा लाख से, भारत माँ की ऐसी शान |
-लक्ष्मण रामानुज लडीवाला
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - - 26
विषय - आन , मान , शान , गौरव
कार्यक्रम अध्यक्ष्या - आदरणीया रेखा नायक (रानो) जी के समक्ष प्रस्तुत
सजल-नयन अरु रुधिर-कंठ से, कैसे मै गुण गाऊॅ ?
प्रभु-पद उन्मुख सतत् , हृदय मे, मूरति मधुर सजाऊॅ ।।
योग,मंत्र,श्रुति,ग्रन्थ न जानू , अंतर्मन मे चाहूॅ ।
राम रटूं शिव-श्याम "मान" सम, कब मै दर्शन पाऊॅ ?
ऊँचा रखेंगे सदा हम,विश्व में तेरी शान को।
नहीं झुकेगा शीश कहीं,घुटने हम टेकेंगे नहीं ;
लुटा देंगे सर्वस्व अपना,राष्ट्र-ध्वज महान को। ।
मीना मिश्रा
कार्यक्रम हमारा मुक्तक
विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
कार्यक्रम अध्यक्ष --आदरणीया रेखा नायक रानो जी को संबोधित--
सीता बन घर द्धार तज वन गामिनी बनी राम के मान पर
शकुन्तला बन परत्यक्ता बनी प्रेम धर्म के आन पर
दुर्गा ,लक्ष्मी , पन्ना ,जीजा , गार्गी बनी गौरव वतन की
वस्तु बन बलि चढ़ेगी कब तक नारी रीति-रिवाज के शान पर
---- मँजु शर्मा २४-०८-२०१४
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह-26 (दि. 22 अगस्त से 24 अगस्त'14 तक)
हमारा मुक्तक(वीर छंद में) --विषय---आन, मान,शान, गौरव, प्रतिष्ठा,
देश की रक्षा कर न सके जो, छीनों उनसे देश कमान।
जन-जन का है नारा अब ये, छेड़ो जंग अरु रखो आन ।
मेरी जन्मभूमि वीरो की, जहाँ शहीदों की है करतार
एक नहीं कम सवा लाख से, भारत माँ की ऐसी शान |
-लक्ष्मण रामानुज लडीवाला
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - - 26
विषय - आन , मान , शान , गौरव
कार्यक्रम अध्यक्ष्या - आदरणीया रेखा नायक (रानो) जी के समक्ष प्रस्तुत
सजल-नयन अरु रुधिर-कंठ से, कैसे मै गुण गाऊॅ ?
प्रभु-पद उन्मुख सतत् , हृदय मे, मूरति मधुर सजाऊॅ ।।
योग,मंत्र,श्रुति,ग्रन्थ न जानू , अंतर्मन मे चाहूॅ ।
राम रटूं शिव-श्याम "मान" सम, कब मै दर्शन पाऊॅ ?
डा0 उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
लखनऊ
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