इस प्रकार गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह 21 का दूसरा चरण हमारा मुक्तक दिनांक 18 से 20 जुलाई अध्यक्षा आदरणीय प्रियंका पांडें जी के भागीरथी प्रयास से सम्मन हुआ। हम आप सब रचनाकारों एवं अतिथि यो का हार्दिक अभिनंन्दन करते है ।
इस समारोह में क्रमस आदरणीय रमा वर्मा जी, महेश चन्द्र जैन ज्योति जी, नारायण गौरव जी, रेखा जोशी जी,अन्नपूर्णा बाजपेई 'अंजु, कान्ती शुक्ला जी, उमेश श्रीवास्तव जी,मीना मिश्रा जी, सुरेश मिश्रा जी, डा0 हीरा लाल प्रजापति जी, कुन्दन उपाध्याय, ओम प्रकाश नाटींवाल,विजय शंकर मिश्रा जी,आलोक मित्तल, कल्याणी झा आप सब का हार्दिक आभार हम आपके स्वस्थ जीवन एवं उज्जव भविष्य की कामना करते है। तथा आशा करते है कि आप सब का सहयोग मंच को हमेशा मित्ता रहेगा ।
इस समारोह में प्रथम स्थान आदरणीया--रमा वर्मा
दूसरा स्थान आदरणीय --महेश चंन्द्र जैन ज्योति ने
तथा बडे दुख के साथ कहना पड रहा है कि प्रतिक्रिया हेतु सम्मान उचित प्रतिक्रिया के आभाव में खाली रहा।
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
विषय----शिव, भोले, शंकर,
अध्यक्षा-----आदरणीया Priyanka Pandey जी को सादर समर्पित
*****************************************************************
शिव के कर डमरू रहे, सोहे कंठ भुजंग
बेल पत्र इनको चढे , और धतूरा भंग
मुक्ती के दाता कहे, इनको सब संसार
बसते हैं कैलाश पर, भस्म रमाये अंग
रमा वर्मा~
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
अध्यक्षा-----आदरणीया प्रियंका पांडे
जी की प्रतिष्ठा में ।
------------------
जटाओँ की लटाओँ में बसी है गंग
की धारा ,
उमापति नाथ भोले का गजानन आँख
का तारा ,
भाल पर चन्द्रमा दमके गले फुंकारता
विषधर ,
हमारे नाथ शंकर का बड़ा ही रूप है
प्यारा ।
-----------
महेश जैन 'ज्योति' ,
मथुरा ।
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
विषय----शिव, भोले, शंकर,
अध्यक्षा-----आदरणीया Priyanka Pandey जी को सादर समर्पित
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शिव के कर डमरू रहे, सोहे कंठ भुजंग
बेल पत्र इनको चढे , और धतूरा भंग
मुक्ती के दाता कहे, इनको सब संसार
बसते हैं कैलाश पर, भस्म रमाये अंग
विषय----शिव, भोले, शंकर,
अध्यक्षा-----आदरणीया Priyanka Pandey जी को सादर समर्पित
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शिव के कर डमरू रहे, सोहे कंठ भुजंग
बेल पत्र इनको चढे , और धतूरा भंग
मुक्ती के दाता कहे, इनको सब संसार
बसते हैं कैलाश पर, भस्म रमाये अंग
रमा वर्मा~
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
अध्यक्षा-----आदरणीया प्रियंका पांडे
जी की प्रतिष्ठा में ।
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जटाओँ की लटाओँ में बसी है गंग
की धारा ,
उमापति नाथ भोले का गजानन आँख
का तारा ,
भाल पर चन्द्रमा दमके गले फुंकारता
विषधर ,
हमारे नाथ शंकर का बड़ा ही रूप है
प्यारा ।
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महेश जैन 'ज्योति' ,
मथुरा ।
जी की प्रतिष्ठा में ।
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जटाओँ की लटाओँ में बसी है गंग
की धारा ,
उमापति नाथ भोले का गजानन आँख
का तारा ,
भाल पर चन्द्रमा दमके गले फुंकारता
विषधर ,
हमारे नाथ शंकर का बड़ा ही रूप है
प्यारा ।
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महेश जैन 'ज्योति' ,
मथुरा ।
गोपालराम गहमरी साहित्य समारोह-21
हमारा मुक्तक-आदरणीय अध्यक्षा प्रियंका पांडे जी को समर्पित ।
विषय-महादेव/समानार्थी ।
महादेव ने अमृत नही, विषपान किया है ।
देव, दानव, मानवों को वरदान दिया है ।
प्रचंड आवेशित गंगा को धारण करके,
सृष्टि के लिए पवित्रता का संज्ञान लिया है ।
हमारा मुक्तक-आदरणीय अध्यक्षा प्रियंका पांडे जी को समर्पित ।
विषय-महादेव/समानार्थी ।
महादेव ने अमृत नही, विषपान किया है ।
देव, दानव, मानवों को वरदान दिया है ।
प्रचंड आवेशित गंगा को धारण करके,
सृष्टि के लिए पवित्रता का संज्ञान लिया है ।
-नारायण गौरव ।
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
दूसरा चरण - हमारा मुक्तक
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आदरणीया प्रियंका पांडे जी को सादर समर्पित
दूसरा चरण - हमारा मुक्तक
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आदरणीया प्रियंका पांडे जी को सादर समर्पित
शंकर महादेव की शक्ति हो तुम
हम सब की यहाँ परम भक्ति हो तुम
दुनिया में सब ध्याय नाम तेरा
अर्धनारीश्वर महाशक्ति हो तुम
रेखा जोशी
हम सब की यहाँ परम भक्ति हो तुम
दुनिया में सब ध्याय नाम तेरा
अर्धनारीश्वर महाशक्ति हो तुम
रेखा जोशी
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
दूसरा चरण - हमारा मुक्तक
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आदरणीया प्रियंका पांडे जी को सादर समर्पित
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दूसरा चरण - हमारा मुक्तक
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आदरणीया प्रियंका पांडे जी को सादर समर्पित
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सती को कंधो पर उठाए घूमे शिव
प्रेम की पराकाष्ठा सिखाते घूमे शिव
यूं तो औघड़ दानी त्रिपुरारी कहलाते है
जगत की खातिर धुनि रमाए हुये शिव ॥
...........अन्नपूर्णा बाजपेई 'अंजु
प्रेम की पराकाष्ठा सिखाते घूमे शिव
यूं तो औघड़ दानी त्रिपुरारी कहलाते है
जगत की खातिर धुनि रमाए हुये शिव ॥
...........अन्नपूर्णा बाजपेई 'अंजु
गोपालराम गहमरी साहित्य समारोह - २१
दूसरा चरण
दि. १८ जुलाई प़ात: १० बजे से २० जुलाई प़ात: १० बजे तक
विषय - शिव/भोले/शंकर/शंभू/आदि प़चलित शिव जी के नाम
समारोह अध्यक्षा- आदरणीया प़ियंका पांडेय जी के प़ति
दूसरा चरण
दि. १८ जुलाई प़ात: १० बजे से २० जुलाई प़ात: १० बजे तक
विषय - शिव/भोले/शंकर/शंभू/आदि प़चलित शिव जी के नाम
समारोह अध्यक्षा- आदरणीया प़ियंका पांडेय जी के प़ति
चन्द्र भाल मुंडमाल शिव त्रिपुंड धारी ।
गंगाधर व्योमकेश शंकर त्रिपुरारी ।
कर में डमरू त्रिशूल भोले भंडारी ।
नेत्र त्रय भुजंग कंठ शरण हूँ तिहारी ।
कान्ति शुक्ला
गंगाधर व्योमकेश शंकर त्रिपुरारी ।
कर में डमरू त्रिशूल भोले भंडारी ।
नेत्र त्रय भुजंग कंठ शरण हूँ तिहारी ।
कान्ति शुक्ला
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
दूसरा चरण - हमारा मुक्तक
विषय - शिव, भोले, शंकर
अध्यक्षा - प्रियंका पाण्डेय जी के समक्ष प्रस्तुत
दूसरा चरण - हमारा मुक्तक
विषय - शिव, भोले, शंकर
अध्यक्षा - प्रियंका पाण्डेय जी के समक्ष प्रस्तुत
पद्मानुज-शशि मतवाला है
जो विष्णू का प्रिय साला है ।
साला ही समझ कर शिव जी ने
मस्तक पर उसे बिठाला है ।।
डा0 उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
लखनऊ
Meena Mishra
जो विष्णू का प्रिय साला है ।
साला ही समझ कर शिव जी ने
मस्तक पर उसे बिठाला है ।।
डा0 उमेश चन्द्र श्रीवास्तव
लखनऊ
Meena Mishra
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आदरणीया पियंका पांडे जी के समक्ष एक मुक्तक
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विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आदरणीया पियंका पांडे जी के समक्ष एक मुक्तक
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जटा-जूट में गंग विराजें,माथे चन्द्र धराए ;
गौरा संग गोद गणेश,कंठ भुजंग लपटाए।
हिमशिला पे बाघंबर आसन,सेवा में नन्दी;
लोक के स्वामी भोले,महादेव कहलाए।।मीना मिश्रा
गौरा संग गोद गणेश,कंठ भुजंग लपटाए।
हिमशिला पे बाघंबर आसन,सेवा में नन्दी;
लोक के स्वामी भोले,महादेव कहलाए।।मीना मिश्रा
Sureshkumar Mishra
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह =२१
दूसरा चरण हमारा मुक्तक
विषय -शिव ,भोले , शंकर
अध्यक्षा-----आदरणीया प्रियंका पांडे जी को समर्पित
मात्रा भार =१६ ,१६
आशुतोष सबके हितकारी ,जटाजूट में गंगाधारी
दर्शन जिनका मंगलकारी ,अपने भक्तो के दुखहारी
गणपति जिनके गॉद विराजें,कार्तिकेय कंधे पर साजे
वाम भाग में शैलकुमारी ,वीर भद्र करतें रखवारी
सुरेश कुमार उत्साही
९९१७०१०६६१
९६३४७६३०७६
दूसरा चरण हमारा मुक्तक
विषय -शिव ,भोले , शंकर
अध्यक्षा-----आदरणीया प्रियंका पांडे जी को समर्पित
मात्रा भार =१६ ,१६
आशुतोष सबके हितकारी ,जटाजूट में गंगाधारी
दर्शन जिनका मंगलकारी ,अपने भक्तो के दुखहारी
गणपति जिनके गॉद विराजें,कार्तिकेय कंधे पर साजे
वाम भाग में शैलकुमारी ,वीर भद्र करतें रखवारी
सुरेश कुमार उत्साही
९९१७०१०६६१
९६३४७६३०७६
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
विषय - शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्ष - आदरणीया प्रियंका पांडे जीके समक्ष एक [ मुक्तक ]
=============================================
हे शिव जो जग में है अशिव तुरत निवार दो ॥
परिव्याप्त मलिन तत्व गंग से निखार दो ॥
स्वर्गिक बना दो पूर्वकाल सी धरा पुनः ,
या खोल अपना तीसरा नयन निहार दो ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति
विषय - शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्ष - आदरणीया प्रियंका पांडे जीके समक्ष एक [ मुक्तक ]
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हे शिव जो जग में है अशिव तुरत निवार दो ॥
परिव्याप्त मलिन तत्व गंग से निखार दो ॥
स्वर्गिक बना दो पूर्वकाल सी धरा पुनः ,
या खोल अपना तीसरा नयन निहार दो ॥
-डॉ. हीरालाल प्रजापति
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह ~21
दूसरा चरण
हमारा मुक्तक~
दिनाँक ~18 जुलाई प्रात: 10 बजे से
20 जुलाई 10बजे तक
विषय~ शिव ,भोले ,शंकर ,भूत नाथ,शम्भू
दूसरा चरण
हमारा मुक्तक~
दिनाँक ~18 जुलाई प्रात: 10 बजे से
20 जुलाई 10बजे तक
विषय~ शिव ,भोले ,शंकर ,भूत नाथ,शम्भू
अध्यक्षा~ आदरणीया प्रियंका पाण्डे जी के समक्ष सादर समर्पित~
है दिव्य तेज हर रुप निराला ,तांडव रुप धमक विकराला।
अमृत त्याग पिये विष प्याला,तप में लीन रहे मतवाला।
सावन में रुप श्रृंगार सजे,भक्तों में समर्पण भाव जगे।
भोले शंकर दीनदयाला,सृष्टि जगत का है रखवाला।
कुन्दन<जय हिन्द!
18.7,14
है दिव्य तेज हर रुप निराला ,तांडव रुप धमक विकराला।
अमृत त्याग पिये विष प्याला,तप में लीन रहे मतवाला।
सावन में रुप श्रृंगार सजे,भक्तों में समर्पण भाव जगे।
भोले शंकर दीनदयाला,सृष्टि जगत का है रखवाला।
कुन्दन<जय हिन्द!
18.7,14
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आ. प्रियंका पांडे जी के समक्ष प्रस्तुत !
-
भक्तो की पुकार गूंजती, बम भोले भोले,
जरूरी है कि नेत्र आप अब तीसरा खोलें,
अत्याचार अनाचार सभी कुछ बढा बाबा
कर दें भस्म दुष्टों को चिरनिद्रा सभी सो लें!
-
-ओंम प्रकाश नौटियाल
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आ. प्रियंका पांडे जी के समक्ष प्रस्तुत !
-
भक्तो की पुकार गूंजती, बम भोले भोले,
जरूरी है कि नेत्र आप अब तीसरा खोलें,
अत्याचार अनाचार सभी कुछ बढा बाबा
कर दें भस्म दुष्टों को चिरनिद्रा सभी सो लें!
-
-ओंम प्रकाश नौटियाल
हे मानव कब तक तोड़ेगा नैतिकता
कब सुविचारों की लेगा प्राथमिकता
पापों का घड़ अब भर चूका है
शिव के त्रिनेत्रो से मृत्यु अग्न धधकता II
कब सुविचारों की लेगा प्राथमिकता
पापों का घड़ अब भर चूका है
शिव के त्रिनेत्रो से मृत्यु अग्न धधकता II
विजय शंकर मिश्रा
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आदरणीया पियंका पांडे जी के समक्ष एक मुक्तक
--------------------------------------------------------
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-----आदरणीया पियंका पांडे जी के समक्ष एक मुक्तक
--------------------------------------------------------
किया विश्व का कल्याण
पिया विष को दिया दान
शिव शंकर जटा धारी
सदा भक्तो का रखते ध्यान
----"आलोक"---
पिया विष को दिया दान
शिव शंकर जटा धारी
सदा भक्तो का रखते ध्यान
----"आलोक"---
गोपाल राम गहमरी साहित्य समारोह - 21
दूसरा चरण - हमारा मुक्तक
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-आदरणीया पियंका पांडे जी को सादर समर्पित
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देखो आया सावन का पावन महिना
गूंज उठा हर तरफ बाबा का तराना
भक्त सब मदमस्त हो गा झूम रहें हैं
कर रहे बाबा के महिमा का बखाना
दूसरा चरण - हमारा मुक्तक
विषय----शिव, भोले, शंकर, सहित भगवान शिव के कोई प्रचलित नाम
अध्यक्षा-आदरणीया पियंका पांडे जी को सादर समर्पित
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देखो आया सावन का पावन महिना
गूंज उठा हर तरफ बाबा का तराना
भक्त सब मदमस्त हो गा झूम रहें हैं
कर रहे बाबा के महिमा का बखाना
"कल्याणी झा
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